Airplane Tyres हज़ारों टन वज़न के साथ लैंड करने पर भी कयों नहीं फटते?

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Airplane Tyres को फटते हुए आपने कभी शायद ही कभी देखा होगा। कार हो, मोटरसाइकल हो, या फिर ट्रक हो। इन सभी वाहनों के टायर आपने फटते हुए ज़रूर देखे होंगे। इन्हें छोड़िए, एक मामूली सी साइकिल का टायर भी कभी ना कभी फट ही जाता है।

लेकिन अगर हम आपसे पूछें कि क्या आपने कभी किसी हवाई जहाज के टायर को फटते देखा है? या किसी हवाई जहाज के टायर के फटने की कोई न्यूज़ देखी या सुनी है?

अब आप याद करने की कोशिश करने लगे होंगे कि कहीं आपने पास्ट में कभी ऐसी कोई खबर देखी या सुनी है जिसमें हवाई जहाज के टायर फटने की जानकारी दी गई हो।

वैल, ऐसा होता तो है कि किसी हवाई जहाज का टायर फट जाए। लेकिन ये बेहद रेअर है। आमतौर पर 250 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी ज़्यादा की रफ्तार से लैंड करते हवाई जहाजों के टायर आराम से चलते हैं और इन्हें कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता है।

तो अब सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा होता कैसे है। आखिर कैसे हवाई जहाज के टायर इतनी ज़्यादा रफ्तार का दबाव बड़ी आराम से झेल लेते हैं।

तो दोस्तों अपनी इस पेशकश में आज हम आपको यही बताएंगे कि आखिर क्यों हज़ारों टन वज़न के बावजूद भी लैंडिंग के समय Airplane Tyres फटते नहीं है। 

बेहद मजबूती से बनते हैं ये Airplane Tyres

किसी हवाई जहाज के टायर बड़ी ही मजबूती के साथ बनाए जाते हैं। ये टायर इतने मजबूत होते हैं कि केवल एक टायर ही 38 टन का वज़न झेल सकता है। हवाई जहाज का टायर केवल 500 बार टेकऑफ या फिर लैंडिंग कर सकता है। जब एक टायर 500 बार इस्तेमाल हो जाता है तो उस टायर पर फिर से ग्रिप चढ़ाई जाती है। ये ग्रिप चढ़ने के बाद टायर फिर से 500 बार इस्तेमाल करने के लायक हो जाता है।

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Why airplane tyres don’t burst – Image Source – Wikipedia

जब ये ग्रिप 500 बार इस्तेमाल कर ली जाती है तो इसे उतारकर टायर पर फिर से एक नई ग्रिप चढ़ाई जाती है। और इस तरह हवाई जहाज के एक टायर पर कुल सात बार ग्रिप चढ़ाई जा सकती है। यानि सात बार ग्रिप चढ़ने से टायर को 3500 दफा टेकऑफ और लैंडिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसके बाद ये टायर बस एक रद्दी ही रह जाता है जिसे कबाड़खाने में भेज दिया जाता है।

Airplane Tyres में आम हवा नहीं भरी जाती

हवाई जहाज के टायरों में भरने वाली हवा की टेक्नॉलोजी भी,

इसके टेकऑफ और लैंडिंग में बेहद अहम रोल अदा करती है।

हवाई जहाज के टायर में किसी ट्रक के टायर से दो गुना,

और किसी कार के टायर से छह गुना अधिक हवा भरी जाती है।

इतना ही नहीं, हवाई जहाज के टायर में कुल 200psi तक हवा भरी जाती है।

इसकी वजह है जितना ज़्यादा एयर प्रेशर उतना ही ज़्यादा मजबूत टायर।

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Why airplane tyres don’t burst – Image Source – Aviation Stack Exchange

हवाई जहाज के टायरों में भरी जाने वाली हवा की एक खासियत और होती है।

किसी दूसरे वाहन के टायरों में तो हम आम हवा भरकर भी काम चला सकते हैं।

लेकिन हवाई जहाज के टायरों में नाइट्रोज गैस ही भरनी पड़ती है।

नाइनट्रोजन गैस की मदद से बदलते टैंपरेचर और बदलते प्रेशर में भी टायर फटते नहीं हैं,

और आसानी से लैंडिंग और टेकऑफ कर सकते हैं।

इन टायरों का डिज़ाइन भी खास होता है

हवाई जहाज के टायरों का डिज़ाइन भी बेहद खास होता है।

जहां आम वाहनों के टायरों ब्लॉक डिज़ाइन की ग्रिप होती है,

वहीं हवाई जहाज के टायरों में ग्रूव डिज़ाइन की ग्रिप होती है।

इससे होता ये है कि बारिश में पूरी तरह से गीले हो चुके रनवे पर भी,

हवाई जहाज ग्रूव डिज़ाइन वाले इन टायरों की मदद आसानी से लैंडिंग कर लेता है।

साथ ही इन टायरों को बेहद खास सिंथेटिक रबर कंपाउंड्स, नायलॉन,

और अरामिड फैब्रिक्स से बनाया जाता है।

इन्हें एल्यूमिनियम और स्टील से रीइन्फोर्स भी किया जाता है।

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Why airplane tyres don’t burst – Image Source – Pixabay

अब आप खुद ही सोचिए कि इतनी शानदार टैक्नोलॉजी से बने टायर भला आसानी से थोड़ी फटेंगे। तो फ्रेंड्स जब भी कभी आप फ्लाइट में बैठें और आपकी फ्लाइट टेकऑफ या लैंड कर रही तो ध्यान रखिएगा कि आपके पैरों और ज़मीन के बीच एक 45 इंच की बेहद दमदार रबर है।

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