कभी लंदन की सड़कों पर भूखे मर रहे थे ये 2 दोस्त, फिर वड़ा पाव ने बदल कर रख दी इनकी किस्मत

Sujay Sohani and Subodh Joshi, Shree Krishna Vada Pav, London - Photo Courtesy: Facebook

आज हम आपको दो ऐसे भारतीय दोस्तों की कहानी बता रहे हैं जो आज लंदन में कामयाबी के झंडे गाड़ रहे हैं। कहानी शुरू होती है मुंबई के रहने वाले सुजय सोहानी से। ये लंदन के एक पांच सितारा होटल में फूड एंड बेवरेज मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन एक दिन इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। ये 2010 की बात है। नौकरी जाने के बाद इनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही थी। मजबूरी में आर्थिक मदद के लिए सुजय ने अपने कॉलेज के दोस्त सुबोध जोशी के पास गए। लेकिन सुबोध खुद उन दिनों भयंकर आर्थिक तंगी के शिकार थे।

सुबोध तो गरीबी के इस कदर शिकार थे कि उनके पास एक वड़ा पाव खरीदने के भी पैसे नहीं थे। हालांकि उस समय इन दोनों में से किसी को भी ये मालूम नहीं था कि एक दिन वड़ा पाव ही लंदन में उनकी किस्मत चमकाने वाला था। कुछ दिनों के बाद दोनों दोस्तों ने लंदन में वड़ा पाव बेचने का काम शुरू किया। इनका वो काम चल निकला और आज लंदन में इनकी 3 ब्रांच हैं और  इनका सालाना टर्नओवर 4.5 करोड़ रुपए से भी अधिक है।

आखिर कैसे इन दोनों दोस्तों ने अपनी सफलता की ये कहानी लिखी? आखिर कैसे इन्होंने अपना ये बिजनेस लंदन में कामयाब कर दिखाया? चलिए जानते हैं।

सफलता की कहानी

15 अगस्त 2010 को इन्होंने लंदन में वड़ा पाव का अपना पहला स्टॉल शुरू किया था। उस वक्त इन्होंने एक वड़ा पाव की कीमत रखी 1 पाउंड जो उन दिनों 80 भारतीय रुपयों के बराबर थी। वड़ा पाव के साथ ही इन्होंने मुंबई का एक और लोकप्रिय स्ट्रीट फूड डबेली भी बेचना शुरू किया था। डबेली की कीमत इन्होंने रखी थी 1.50 पाउंड्स जो कि उस समय 131 रुपए होती थी। इन्होंने एक पोलिश कैफे को 35000 भारतीय रुपए में किराए पर लिया था। उनका ये काम चल निकला और लोगों को उनके दोनों आयटम्स पसंद आने लगे।

Shree Krishna Vada Pav, London – Photo Courtesy: Facebook

अपने वड़ा पाव और डबेली के स्वाद को लंदन के लोगों की ज़ुबान पर चढ़ाने के लिए इन्होंने लंदन की हाउनस्लो स्ट्रीट पर लोगों को फ्री सैंपल देना शुरू कर दिया। इन्होंने दिमाग लगाया और कुछ दिनों के बाद ही इन्होंने अपने वड़ा पाव और डबेली को आधी कीमतों में बेचना शुरू कर दिया। इन्होने अपने प्रोडक्ट्स की कीमत बर्गर से भी कम कर दी। उनकी ये स्ट्रेटेजी काम कर गई। छह महीने के भीतर ही इनके वड़ा पाव स्टॉल के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।

बिजनेस बढ़ा तो इन्हें और बड़ी जगह की ज़रूरत पड़ी। इसी दौरान लंदन का बिग बाइट नाम के एक मशहूर पंजाबी रेस्टोरेंट के मालिकों ने इनसे संपर्क किया और मिलकर काम करने का ऑफर दिया। यहीं से नींव पड़ी इनके श्री कृष्णा वड़ा पाव रेस्टोरेंट की।

कितना कामयाब हुआ श्रीकृष्णा वड़ा पाव?

आज इनके रेस्टोरेंट में 50 से भी ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं। लंदन में आज इनकी 3 ब्रांच हो चुकी हैं। सालान टर्नओवर की बात करें तो श्री कृष्णा वड़ा पाव का सालान टर्नओवर आज 4.50 करोड़ रुपए से भी अधिक पहुंच चुकाहै। सुजय और सुबोध दोनों आज हंसते हुए कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका वड़ा पाव का ये बिजनेस इतना कामयाब होगा। उन्होंने तो ये सोचकर काम शुरू किया था कि दूसरी नौकरी मिलने तक लंदन में खर्चा चल जाए।

Shree Krishna Vada Pav, London – Photo Courtesy: Facebook

आज इनके तीनों रेस्टोरेंट्स में इंडियन ही नहीं, रोमानिया के कुछ कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। दोनों कहते हैं कि किस्मत के भरोसे बैठे रहना ज़रा भी अक्लमंदी नहीं है। अगर आप अपने सपनों को जीना चाहते हैं, उन्हें सच करना चाहते हैं तो आपको डर छोड़कर रिस्क लेने की आदत तो अपने अंदर लानी ही होगी।

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