Ram Jethmalani Biography: कैसे जेठमलानी बने भारत का सबसे मंहगा वकील?

Ram Jethmalani Biography. सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर वकील राम जेठमलानी 95 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। लंबे वक्त से बीमार चल रहे जेठमलानी भारत के सबसे मंहगे वकील थे, और मौजूदा समय में राज्यसभा सांसद भी थे। जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री भी रह चुके थे। मुंबई लोकसभा सीट से दो बार सांसद रहे जेठमलानी बार काउंसिल के अध्यक्ष भी रह चुके थे।

आइए हम आपको राम जेठमलानी की ज़िंदगी की कहानी बताते हैं। यकीनन आपको ये कहानी ज़रूर पसंद आएगी। Ram Jethmalani Biography.

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Photo: Social Media

कब शुरू की थी वकालत? (Ram Jethmalani Biography)

अपने करियर में जेठमलानी ने कई बड़े केस लड़े थे। महज़ 17 साल में कानून की डिग्री हासिल कर लेने वाले राम जेठमलानी ने 18 साल की उम्र में ही वकालत करनी शुरू कर दी थी। ये वो दौर था जब भारत में वकालत करने के लिए कम से कम 21 साल की उम्र होना ज़रूरी थी।

लेकिन जेठमलानी ने 18 साल की उम्र में वकालत करने का अधिकार हासिल किया। जेठमलानी कराची में वकालत करते थे। हालांकि जब 1947 में भारत का विभाजन हुआ था तो वे कराची से मुंबई आ गए और यहां एक रिफ्यूजी कैंप में रहने लगे।

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कैसा था इनका शुरूआती सफर?

जेठमलानी की शादी 18 साल की उम्र में ही दुर्गा से हो गई थी। लेकिन फिर 1952 में इन्होंने रत्ना से शादी की, जो खुद भी एक वकील थीं। उनसे इनके दो बेटे और तीन बेटियां हुई। एक दौर था जब जेठमलानी पाकिस्तान के सिंध में वकील और प्रोफेसर हुआ करते थे।

लेकिन विभाजन के बाद भड़के दंगों के बाद वो दोस्त की सलाह पर वहां से मुंबई आ गए और कई दिनों तक रिफ्यूजी कैंप्स में रहे। सिंध से मुंबई आते वक्त उनकी जेब में बस एक पैसे का सिक्का था।

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कैसा रहा राजनीतिक सफर?

जेठमलानी दो बार मुंबई से सांसद चुने गए थे।

अटल सरकार में वो कानून और शहरी विकास मंत्री भी रह चुके थे।

लेकिन 2004 में जेठमलानी ने अटल जी के खिलाफ ही लखनऊ से चुनाव लड़ा था।

यूं तो जेठमलानी आपराधिक मामलों के वकील थे,

लेकिन भारत की लॉ कम्यूनिटी का वो एक बड़ा चेहरा थे।

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Ram Jethmalani – Photo: Social Media

जेठमलानी बेहद बेबाक वकील भी थे।

कई दफा जेठमलानी जजों को ही कह देते थे,

कि आपकी उम्र से ज़्यादा मेरा वकालत का तजुर्बा है।

हालांकि कोई जज कभी भी उनकी बात का बुरा नहीं मानता था।

कानून पर जेठमलानी ने कई किताबें लिखी थी।

उनकी बायोग्राफी भी लिखी गई थी,

जिसका नाम है राम जेठमलानी: एन अनऑथोराइज्ड बाोग्राफी और द रेबेल।

इन्हें लिखने वाले थे नलिन गेरा और सुसान एडेलमेन।

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