Mohd Rafi ने जब इस गाने को गाया तो रोने लगे और पैसे लेने कर इन्कार कर दिया, जानिए आखिर क्यों

Mohd Rafi Crying - Photo: Social Media

Mohd Rafi हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के एक ऐसे गायक रहे हैं जिनके बारे में हम कितना भी जान लें,

हमारी और ज़्यादा जानने की ख्वाहिश बढ़ती ही जाती है। र

फी साहब जितने सुरीले गायक थे, उतने ही शानदार इंसान भी थे।

रफी साहब कितने साफ दिल और नेक नियत इंसान थे, इसे साबित करते हुए तमाम किस्से आपको जानने-सुनने को मिल जाएंगे।

रफी साहब से जो भी मिला, वो उनका मुरीद हो गया।

इंडस्ट्री की जिस शख्सियत ने रफी साहब के साथ काम किया वो उनकी इंसानियत और उनकी साफग़ोई पर फिदा हो गया।

आज हम आपको Mohd Rafi के गाए एक ऐसे गीत का किस्सा बता रहे हैं जिसे गाने के बाद रफी साहब की आंखों में आंसू आ गए और उसे रिकॉर्ड करने के बाद रफी साहब स्टूडियो से रोते हुए ये कहकर चले आए कि वो उस गाने का कोई पैसा नहीं लेंगे।

नौशाद साहब ने बताया था ये किस्सा

रफी साहब के ही दौर के एक बेहद मशहूर म्यूज़िशियन नौशाद साहब ने फिल्म हब्बा खातून के लिए,

रफी साहब से एक बड़ी खूबसूरत गज़ल रिकॉर्ड कराई थी।

ये बात अलग है कि ये फिल्म कभी भी रिलीज़ नहीं हो पाई।

लेकिन इस फिल्म में रफी साहब ने जो गज़ल गाई थी, ये किस्सा उसी गज़ल से जुड़ा है।

नौशाद साहब ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में इस गज़ल का किस्सा बयान किया था।

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Mohd Rafi Crying – Photo: Social Media

Mohd Rafi की आंखों में आ गए आंसू

जब रफी साहब ने इस दुनिया को अलविदा कहा था, उससे कुछ ही वक्त पहले उन्होंने ये गज़ल रिकॉर्ड की थी।

इस वक्त तक म्यूज़िक का दौर भारत में तेज़ी से बदल रहा था।

बॉलीवुड में काफी अजीबो-गरीब गाने बन रहे थे।

नौशाद साहब ने रफी साहब को इस गज़ल को रिकॉर्ड कराने के लिए बुलाया।

जब नौशाद साहब रफी साहगब को ये गज़ल सुना रहे थे तो इसे सुनते-सुनते रफी साहब काफी भावुक हो गए।

रफी साहब की आंखों से आंसू छलक पड़े।

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Mohd Rafi Crying – Photo: Social Media

ये थी Mohd Rafi के रोने की वजह

जब नौशाद साहब को मालूम चला कि रफी साहब की आंखों में आंसू आ गए हैं तो उन्होंने रफी साहब से उन आंसुओं की वजह पूछी।

रफी साहब ने जवाब दिया, “नौशाद साहब, इन दिनों जैसे गाने मैं गा रहा हूं वो मेरे गले तक तो उतरते हैं।

लेकिन इनमें से कोई भी गाना मेरे दिल तक नहीं उतर पा रहा है।”

इन दिनों जाने कैसे-कैसे गाने बन रहे हैं। लेकिन आपकी ये गज़ब तो मुझे बहुत ज़्यादा पसंद आई है।

नौशाद साहब ने रफी साहब को तसल्ली दिलाते हुए रफी साहब को उस गज़ल की रिहर्सल कराई।

Mohd-Rafi-Naushad
Mohd with Naushad in Doordarshan shown to user

Mohd Rafi ने नहीं ली फीस

कुछ दिनों के बाद उस गज़ल की रिकॉर्डिंग रखी गई। र

फी साहब ने ये गज़ल रिकॉर्ड करने के बाद स्टूडियो में ही नौशाद साहब को गले लगा लिया और रोने लगे।

नौशाद साहब ने रफी साहब को ढांढस बंधाया और उन्हें चुप कराया।

कुछ देर बाद जब रफी साहब का मन शांत हुआ तो नौशाद साहब ने उन्हें उस गज़ल गाने की फीस दी।

लेकिन रफी साहब ने पैसे लेने से साफ इन्कार कर दिया।

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Mohd Rafi Crying – Photo: Social Media

नौशाद साहब के साथ आखिरी रिकॉर्डिंग

जब नौशाद साहब ने रफी साहब से अपनी फीस ना लेने की वजह पूछी तो रफी साहब ने बड़ा ही शानदार जवाब दिया।

रफी साहब ने कहा, “ये गाना गाकर मुझे जो खुशी मिली है वो कभी भी पैसे से नहीं मिल सकती है।”

“इस गज़ल से मुझे इतनी खुशी मिली है कि अब मैं आपसे इसे गाने के पैसे नहीं ले पाउंगा।”

और ये कहकर रफी साहब स्टूडियो से चले गए।

और किस्मत का खेल देखिए। यही गज़ल नौशाद साहब के साथ रफी साहब की आखिरी रिकॉर्डिंग भी साबित हुई थी।

Song Recording-Studio
Mohd Rafi Crying – Photo: Social Media

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