Lipid Profile Test in Hindi: हिंदी में अच्छे से समझिए क्या होता है लिपिड प्रोफाइल टेस्ट

Lipid Profile Test in Hindi - Photo Courtesy: Pixabay

Lipid Profile Test in Hindi यानि हिंदी में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट की सारी जानकारी आज हम जानेंगे.  35 और 40 साल की उम्र होने के बाद पर कई लोगों को थकान महसूस होना, Heart Problems, Diabetes और वज़न बढ़ने की समस्या होने लगती है। ऐसे लोग जब किसी Doctor से कनसल्ट करते हैं तो डॉक्टर उन्हें Lipid Profile Test कराने की सलाह देता है।

क्या होता है लिपिड? (What is Lipid)

Lipid एक ऐसा वसायुक्त पदार्थ है जो Cholesterol के रूप में हम इंसानों के शरीर में रहता है।

अगर हमारे खून में Lipid सामान्य से अधिक मात्रा में हो जाए तो हमारी धमनियों में इसके जमने का खतरा पैदा हो जाता है।

अगर ये धमनियों में जम जाए तो ये खून की नलियों में ब्लॉकेज पैदा कर सकता है।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

कितने टेस्ट होते हैं लिपिड प्रोफाइल में?

Lipid Profile Test में पांच तरह के Tests होते हैं। ये टेस्ट हैं,

1- Total Cholesterol

2- High Density Lipoprotein यानि HDL.

3- Low Density Lipoprotein यानि LDL.

4- Very Low Density Lipoprotein यानि VLDL.

5- Triglycerides. मात्र एक Blood Sample से ही ये सभी Tests हो जाते हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि टेस्ट के बेहतर नतीजे पाने के लिए ज़रूरी है कि मरीज इस टेस्ट के लिए अपने ब्लड का सैंपल देने से पहले कम से कम 12 घंटे तक खाली पेट रहे। यानि इस टेस्ट को कराने का सबसे सही समय है अल सुबह का समय यानि Early Morning का समय।

तो साथियों चलिए आज आपको विस्तार से Lipid Profile Test के अंदर किए जाने वाले सभी पांचों तरह के टेस्ट की जानकारी देते हैं। तभी तो सही मायनों में हम कह पाएंगे ना कि हमने Lipid Profile Test in Hindi यानि हिंदी में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट को अच्छी तरह से जाना है।

01- टोटल कोलेस्ट्रॉल/Total Cholesterol (Lipid Profile Test in Hindi)

इंसान के शरीर में टीसीटी यानि टोटल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट की सामान्य मात्रा 160-250 मिग्रा/डेसीलीटर होती है।

अगर किसी में टीसीटी की मात्रा इससे अधिक होती है तो उसके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो पाएगा और हार्ट से जुड़ी समस्याएं होना शुरू हो जाएंगी।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

02- एचडीएल कोलेस्ट्रॉल/HDL Cholesterol 

इंसानी शरीर में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का लेवल 40-60 मिग्रा/डेसीलीटर होना चाहिए।

ये कोलेस्ट्रॉल सामान्य से ज़्यादा होना भी अच्छा माना जाता है।

हालांकि अगर ये कम हो जाए तो फिर कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है। रोज़ वॉक करने से बढ़ता ही है।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

03- एलडीएल कोलेस्ट्रॉल/LDL Cholesterol 

इंसानी शरीर में इस कोलेस्ट्रॉल का सामान्य स्तर होता है 100 मिग्रा/डेसीलीटर से कम।

अगर ये शरीर में ज़्यादा हो जाए तो फिर थ्रोम्बोसिस यानि धमनियों में खून जमने का खतरा पैदा हो जाता है।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

04- वीएलडीएल कोलेस्ट्रॉल/VLDL Cholesterol 

शरीर में वैरी लॉ डेंसिटी कोलेस्ट्रॉल का काम होता है कोलेस्ट्रॉल को जमाना।

इंसानी शरीर में इसका स्तर 30 मिग्रा/डेसीलीटर से कम ही होना चाहिए।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

05- ट्राइग्लिसराइड/Triglycerides 

शरीर में इस कोलेस्ट्रॉल टेस्ट का स्तर हमेशा 150 मिग्रा/डेसीलीटर से कम होना चाहिए।

अगर ये अधिक होगा तो फिर दिल की बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ने लगता है।

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किन लोगों को ज़रूर कराना चाहिए Lipid Profile Test?

वैसे तो पुरुषों को 35 की उम्र पार करते ही हर 6 महीने में एक बार अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट अवश्य कराना चाहिए।

वहीं अगर कोई बच्चा मोटापे का शिकार है तो उसे 22 साल का होते ही हर 1 साल में 1 बार ये टेस्ट अवश्य कराना चाहिए।

साथ ही वे लोग जिनके परिवार का हाई कोलेस्ट्रॉल या दिल की बीमारियों का इतिहास रहा हो उन्हें भी ये टेस्ट अवश्य कराते रहना चाहिए।

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Lipid Profile Test in Hindi – Photo Courtesy: Pixabay

अधिक शराब पीने वाले, धूम्रपान करने वाले, निष्क्रिय ज़िंदगी जीने वाले और डायबिटीज़,

किडनी या फिर पॉलिसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम से ग्रसित लोगों को भी ये टेस्ट कराते रहना चाहिए।

नोट: इस आर्टिकल में दी गई समस्त जानकारी इंटरनेट से इकट्ठा की गई है। इसलिए ज़रूरी है कि कोई भी टेस्ट कराने से पहले एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर से विचार-विमर्श अवश्य कर लें। साथ ही जिस Pathology Lab में टेस्ट कराएं उसकी विश्वसनीयता का भी विशेष रूप से ध्यान रखें।

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