नौकरी की तलाश में गांव से आया दिल्ली, पहले कांस्टेबल फिर बना IPS, ऐसे मिलती चली गई कामयाबी

IPS Vijay Singh Gurjar - Photo: Social Media

हमारे देश में आज भी सरकारी नौकरी लोगों की पहली पसंद होती है। खासतौर पर गांवों में तो सरकारी नौकरी का समझिए क्रेज़ है। सरकारी टीचर बनना भी गांव में बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे में अगर किसी का बेटा सरकारी अफसर बन जाए तो समझिए उसकी तो गांव में धाक ही जम जाती है। राजस्थान के एक बेहद पिछड़े गांव के किसान परिवार से निकले एक लड़के की कहानी आज हम आपको बता रहे हैं जो शहर आकर अपनी मेहनत से पहले पुलिस में कॉन्सटेबल बना और अब आईपीएस अफसर बन गया है। ये कहानी है विजय सिंह गुर्जर की, जिसे ज़िंदगी ने किसी और राह पर ले जाना चाहा था, लेकिन उसकी किस्मत उसे एक अलग ही राह पर ले गई। विजय सिंह गुर्जर को उनके पिता संस्कृत विषय में शास्त्री की पढ़ाई कराना चाहते थे।

पिता सोचते थे कि इस विषय से पढ़ाई कर बेटा सरकारी टीचर तो बन ही जाएगा। लेकिन विजय को पुलिस में जाना था। इसलिए वो कॉन्सटेबल भर्ती के लिए दिल्ली आ गए।

कैसा है परिवार?

एक इंटरव्यू में विजय ने बताया कि उनकी पढ़ाई गांव के ही एक सरकारी स्कूल में हुई थी। उनके पिता का नाम लक्ष्मण सिंह है। वे किसान हैं। जबकी इनकी माता एक गृहणी हैं। 5 भाई बहनों में विजय तीसरे नंबर के हैं। पढ़ाई के साथ विजय अपने पिता का भी हाथ खेती-बाड़ी और पशुपालन में हाथ बंटाया करते थे।

IPS Vijay Singh Gurjar’s parents – Photo: Social Media

पिता क्या चाहते थे?

पिता ऊंटों को जुताई के लिए ट्रेंड कर पुष्कर मेले में बेचने जाया करते थे। घर के हालात ऐसे नहीं थे कि विजय किसी अच्छे कॉलेज में पढ़ाई कर सकें। इसलिए पिता ने विजय को सलाह दी कि वो संस्कृत विषय से शास्त्री की पढ़ाई करें और सरकारी टीचर बनने की कोशिश करें।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

दिल्ली पुलिस में हुए भर्ती

इनके पिता पढ़ाई की अहमियत समझते थे। यही वजह थी कि उन्होंने अपने हर बच्चे को पढ़ाया। विजय की बहन गांव की पहली महिला ग्रेजुएट बनीं थी। विजय टीचर नहीं बनना चाहते थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस में कॉन्सटेबल की भर्ती निकली और विजय एक दोस्त की मदद से दिल्ली आ गए और यहां उन्होंने एक महीने तक परीक्षा की तैयारी की। इनके अच्छे मार्क्स आ गए। जून 2010 में विजय ने कॉन्सेटबल के तौर पर दिल्ली पुलिस जॉइन कर ली।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

IPS के लिए कैसे प्रेरित हुए?

इसी दौरान उनका नंबर सब-इन्सपेक्टर के लिए भी आ गया। विजय खुश हो गए। उन्हें लगा कि किस्मत ने उन्हें काफी कुछ दे दिया है। लेकिन पुलिस की नौकरी के दौरान विजय ने दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी को देखा। विजय को उनका काम और उनको मिली ज़िम्मेदारियां बेहद पसंद आई। विजय ने वहीं ठान लिया कि वो भी इसके लिए तैयारी करेंगे।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

शुरू हो गई तैयारी

विजय ने शुरूआती संकोच के बाद आखिरकार इंटरनेट पर आईपीएस के बारे में पढ़ना शुरू कर दिया। इंटरनेट से विजय को टॉपर्स की टिप्स मिल गई और उन्होंने उसी के अनुसार पढ़ाई करनी शुरू कर दी। इसी दौरान विजय ने एसएससी सीजीएल की परीक्षा भी दी और उसमें पास होकर विजय ने बतौर कस्टम ऑफिसर नौकरी जॉइन कर ली। 2014 में वो जॉब छोड़ विजय ने इन्कम टैक्स में नौकरी शुरू कर दी। लेकिन दिल में अब भी यूपीएससी ही था।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

असफलता से हुआ सामना

विजय 2013 में यूपीएससी का एग्ज़ाम दे चुके थे। लेकिन इनका नंबर प्रीलिम्स में भी नहीं आ पाया था। इसके बारे में विजय ने किसी को बताया भी नहीं था। उसके बाद 2014 में विजय ने फिर से यूपीएससी की परीक्षा में हिस्सा लिया। फिर से विजय को निराशा हाथ लगी। लगा कि शायद ये सपना एक सपना बनकर ही रह जाएगा। लेकिन फिर उन्होंने अपने एक कलीग से बात की और फिर से तैयारी शुरू की।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

गिरे, संभले, फिर गिरे और फिर संभले

नौकरी से समय निकालकर विजय तैयारी कर रहे थे। विजय के पास जो भी समय बचता, विजय उसमें तैयारी करते थे। सुबह जल्दी उठकर पढ़ते थे। लंच ब्रेक में पढ़ते थे। हर शनिवार को रिवाइज़ पर फोकस करते थे। लेकिन 2015 में भी उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और एक बार फिर वो प्रीलिम्स में ही असफल हो गए।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

आखिरकार सपना पूरा हुआ

विजय ने अब भी उम्मीद नहीं छोड़ी थी। 2016 में फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी। इस बार प्रीलिम्स निकाल लिया। लेकिन इंटरव्यू में फिर उनकी किस्मत धोखा दे गई और वो एक नंबर से मात खा गए। अब तक विजय के अंदर काफी कॉन्फिडेंस आ गया था। इस बार विजय ने सही डायरेक्शन में तैयारी शुरू की। 2017 की यूपीएससी की परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया 547वीं रैंक आई। विजय का सपना पूरा हो गया। वो आईपीएस ऑफिसर बन गए।

IPS Vijay Singh Gurjar – Photo: Social Media

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