इस अफसर ने बंटवारे में पाकिस्तान को दे दिए थे भारत के ये दो शहर, फिर ले लिए वापस

How Cyril Radcliffe Divided India and Pakistan - Photo: Social Media

15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी तो मिली थी, लेकिन बंटवारे के रूप में भारतवासियो को एक बहुत बड़ा दर्द भी मिला था। लाखों लोगों को अपने घर-मकान, ज़मीन जायदाद और अपना सब कुछ छोड़कर इधर से उधर शिफ्ट होना पड़ा था। लाखों लोग इस दौरान भीषण दंगों में मारे गए थे।

इस दौरान एक अंग्रेज अफसर बहुत चर्चाओं में आय़ा था। उस अफसर का नाम था Cyril Radcliffe.

How Cyril Radcliffe Divided India and Pakistan – Photo: Social Media

ये वही अफसर था, जिसे भारत और पाकिस्तान का बंटवारा करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी। ब्रिटिश सरकार के इस फैसले पर सारा देश हैरान था। क्योंकि ना तो इससे पहले सिरील रेडक्लिफ भारत आए थे, और ना ही उन्हें दुनिया के इस हिस्से की कोई खास जानकारी थी।

कम समय में किया बंटवारा

भारत के जाने-माने पत्रकार कुलदीप नैयर आज़ादी के बाद लंदन में जाकर मिस्टर रेडक्लिफ से मिले थे। इस दौरान रेडक्लिफ ने कुलदीप नैयर को बताया कि उन्हें भारत और पाकिस्तान का बंटवारा करने के लिए 10-11 दिन ही मिले थे। उस वक्त उनके पास इलाके का कोई नक्शा नहीं था। उन्होंने एक हवाई दौरा किया और लाहौर को पाकिस्तान में शामिल करने का आदेश दे दिया।

How Cyril Radcliffe Divided India and Pakistanm Kuldeep Nayyar – Photo: Social Media

इस तरह पाकिस्तान को दिया लाहौर

इसके पीछे रेडक्लिफ ने वजह बताई कि पाकिस्तान के हिस्से में कोई बड़ा शहर नहीं था। ऐसे में ये जानते हुए भी कि लाहौर में हिंदुओं की संपत्ति ज़्यादा है, उन्होंने लाहौर को पाकिस्तान को देने का फैसला कर दिया। हालांकि फिर भी पाकिस्तान के लोग उनसे नाराज़ हैं, जबकि उन्हें खुश होना चाहिए कि उन्होंने उन्हें लाहौर के रूप में एक बड़ा शहर दिया।

How Cyril Radcliffe Divided India and Pakistan – Photo: Social Media

ये थे वो दो शहर

इस सबके बीच रेडक्लिफ ने पंजाब के फिरोज़पुर और गुरूदास पुर को भी पाकिस्तान का हिस्सा बता दिया था। लेकिन चूंकि उन्होंने ही वाघा पर भी बॉर्डर बनाया था, इसलिए कुछ दिनों बाद उन्होंने माउंटबेटन के आदेश के बाद अपने इस फैसले को वापस ले लिया। लेकिन उनके इसके बाद इन दोनों ही शहरों में बहुत ज़्यादा मार-काट हुई थी।

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