इंसानों के मुंह पर करारा तमाचा है समंदर में फैली ये 5 मील लंबी कचरे की पट्टी

Great Caribbean Garbage Patch - Photo Courtesy: educatedbox.com

इंसान की फितरत में होता है सेल्फिश होना। कई दफा कई मामलों में सेल्फिश होना अच्छा अच्छी बात भी होती है। लेकिन कुछ इंसानों ने तो सेल्फिश होने के सारे रिकॉर्ड्स ही तोड़ डाले हैं। अपने गुड टाइम के लिए ये लोग दूसरों का वातावरण नष्ट कर देते हैं और इन्हें अफसोस भी नहीं होता। और कईयों को तो अहसास भी नहीं होता, अफसोस तो भूल ही जाइए। ऐसे ही कुछ लोगों की एक करतूत आज हम आपको दिखा रहे हैं।

आप इन तस्वीरों को देखिए और अंदाज़ा लगाइए कि जब इस दुनिया से अलग किसी और दुनिया में हम इन बेज़ुबानों से से मिलेंगे तो नज़र कैसे मिला पाएंगे?

क्या थिएटर है ये?

आपमें से कई लोगों के दिमाग में ये सवाल चल रहा होगा कि आखिर ये मामला क्या है? ऐसा क्या कर दिया है कुछ इंसानों ने जो मॉडर्न कबूतर इतना भड़का हुआ है? तो जान लीजिए, इंसान ने अपनी बेपरवाह रहने की बेफिज़ूल आदत की वजह से समंदर के एक अच्छे-खासे बड़े हिस्से का सत्यानाश करके रख दिया है।

Great Caribbean Garbage Patch – Photo Courtesy: educatedbox.com

कितना बड़ा हिस्सा किया है बर्बाद?

5 मील। यानि लगभग 8 किलोमीटर से भी ज़्यादा (थोड़ा सा ही ज़्यादा)। समंदर के इस हिस्से में 8 किलोमीटर लंबी प्लास्टिक के कचरे की एक पट्टी, या यूं कहिए कि कंबल बना दिया है। रॉटन आइलैंड नाम के एक होंडुरन आइलैंड पर घूमने आने वाले पर्यटकों ने ये हरकत की है। और इस हरकत की वजह से इलाके के समुद्र में जीवों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

किसने देखा सबसे पहले?

इंसानों के फैलाए इस प्लास्टिकिया रायते पर सबसे पहले नज़र पड़ी फोटोग्राफर कैरोलीन पावर की। इन्होंने इस कचरे की 8 किलोमीटर लंबी पट्टी को नाम दिया है ”Great Caribbean Garbage Patch”. होंडुरास का रोटन आइलैंड इतना खूबसूरत है कि कई लोग तो इसे धरती का पैराडाइज़ कहते हैं। लेकिन जैसे ही कोई आइलैंड से समंदर में उतरकर 15 मील आगे आता है, उसकी नज़र पड़ती है इस प्लास्टिक की 8 किलोमीटर लंबी पट्टी पर।

Great Caribbean Garbage Patch – Photo Courtesy: educatedbox.com

क्या कहती हैं कैरोलीन?

कैरोलीन कहती हैं कि वैसे तो इंसानों को ये मालूम है कि प्लास्टिक हमारे पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा रही है, लेकिन अफसोस की बात ये है कि जानने के बावजूद इंसानों ने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की बजाय इसे कई गुना और बढ़ा लिया है। सही तरीके से प्लास्टिक के कचरे को डिस्पोज़ करना किसी को आता है नहीं। इसका नतीजा ये होता है कि बहुत बड़ी तादाद में ये सारा प्लास्टिक हमारे महासागरों में गिर रहा है और वहां का एनवायरमेंट खराब कर रहा है। इससे समुद्री जीवों की ज़िंदगी पर भी संकट पैदा हो गया है।

कैसे पहुंची कैरोलीन यहां तक?

वैल, कैरोलीन एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं और सालों से लोगों को प्लास्टिक के खतरों से भी अवगत कराती रही हैं। कैलोलीन ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बताया कि वो अपने क्र्यू के साथ कैरेबियन आइलैंड में डाइविंग के लिए आई थी। इस इलाके में समुंद्र के नीचे का जलीय जीवन बेहद खूबसूरत है और वो उसे ही फिल्माने के लिए यहां आई थी।

Great Caribbean Garbage Patch – Photo Courtesy: educatedbox.com

लेकिन इस जगह पहुंचकर कैरोलीन का दिल टूट गया जब उन्होंने दूर-दूर तक प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के खाली पैकेट्स और दूसरे छोटे-बड़े प्लास्टिक के रैपर्स देखे। पूरे पांच मील के इस गार्बेज पैच में कैरोलीन और उनकी टीम ने अपनी बोट घुमाई और देखा कि हर तरफ प्लास्टि की चम्मचें, प्लेट, बोतलें, बैग्स, और तो और, पुराने टीवी के टुकड़े, बेकार हो चुकी फुटबॉल्स, टूथब्रश और प्लास्टिक की चप्पलें फैली हैं।

क्यों ना आए गुस्सा?

तो आप ही बताइए दोस्तों। गुस्सा नहीं आएगा? सारी दुनिया में हम इंसान फालतू की चीज़ों पर आपस में उलझते रहते हैं। लेकिन जो सबसे ज़रूरी चीज़ है उस पर हम ना तो कभी ध्यान देना चाहते हैं और ना ही उसकी कभी कोई परवाह करते हैं। पर्यावरण को बचाने की ज़िम्मेदारी हर किसी की है। खराब होता पर्यावरण धर्म या जात देखकर लोगों को प्रभावित नहीं करेगा। हमारी सरकारों को भी चाहिए कि वो जनता को ज़रूरी मुद्दों के लिए जागरूक बनाए। ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को सहेजकर रख पाएं जो हमें विरासत में मिली है।

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